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तारामंडल (Constellation)

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तारामंडल तारों का व्यवस्थित समूह ही तारामंडल कहलाता है|  तारामंडलों की संख्या 88 है|  उदाहरण.. सप्तऋषि हमें GOOGLE+ पर फॉलो करें और पायें अधिक आकर्षक जानकारियाँ, तथा अपने अनुभव हमें COMMENT BOX में अवश्य बतायें 27 तारामंडलों ( नक्षत्रों ) का उपयोग तो हमारे पंडित  पंचांग  बनाने तथा पढ़ने में कुण्डलियां बनाने, त्योहार और मुहुर्त आदि निकालने में करते हैं। तारामंडलों के नाम पुराणों में रोचक कथाओं के रूप में भी आते हैं। हमारे किसान भी इनका उपयोग मौसम या तिथियां जानने के लिए करते आए हैं।  (Holistic_knowledge) बैबिलोनिया के निवासियों को 36 तारामंडल (12 उत्तरी गोलार्ध के, 12 राशिचक्रों तथा 12 दक्षिणी गोलार्ध के) ज्ञात थे। परंपरा से यह प्रथा संदर्भ मिलते हैं। अराटस (Aratus) नामक यूनानी (ई. पू. तृतीय शतक) ने अपने ग्रंथ फिनॉमिना (Phenomina) में सर्वप्रथम 44 तारामंडलों का उल्लेख किया है, जिनमें 19 उत्तरी गोलार्ध के, 13 राशिचक्र के तथा 12 दक्षिणी गोलार्ध के हैं। हिपार्कस के पूर्व  कृत्तिका नक्षत्र  (Pleiades) को एक स्वतंत्र तारामं...

आकाशगंगा / Galaxy

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हमें google+ पर फॉलो करें और पायें अधिक जानकारी / follow us on google+ for more information आकाशगंगा आकाशगंगा असंख्य तारों का एक समूह होता है.. आकाशगंगा के केंद्र को " बल्ज " कहते हैं| हमारा सौरमंडल मंदाकिनी ( Milkyway ) नमक आकाशगंगा में स्थित है| इसका आकार [ सर्पिलाकार ] हैं | <हमारी आकाशगंगा की निकटतम आकाशगंगा " एंड्रोमीडा " है> स्थिति हमारी  पृथ्वी  और  सूर्य   ' मंदाकिनी  आकाशगंगा ' में अवस्थित हैं,  रात्रि  में हम नंगी आँख से इस आकाशगंगा के ताराओं को देख पाते हैं। अब तक  ब्रह्मांड  के जितने भाग का पता चला है उसमें लगभग ऐसी ही 19 अरब आकाशगंगाएँ होने का अनुमान है। ब्रह्मांड के ' महा विस्फोट सिद्धांत' ( big bang theory ) के अनुसार सभी आकाशगंगाएँ एक दूसरे से बड़ी तेजी से दूर हटती जा रही हैं। सूर्य द्वारा  सभी तारे केंद्र की परिक्रमा कर रहे हैं, केंद्र के निकट वाले तारे अधिक गति से और दूर वाले कम गति से।हमारा सूर्य केंद्र से लगभग 30-35 हज़ार प्रकाश वर्ष दूर है और आकाशगंगा के मध्य तल में ह...

भूगोल Geography

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हमें GOOGLE+ पर फॉलो करें और पायें और आकर्षक जानकारियाँ , तथा अपने अनुभव हमें COMMENT BOX में अवश्य बतायें भूगोल Geography Geo(पृथ्वी) + Graphy(अध्ययन) = पृथ्वी का अध्ययन  भूगोल का जनक ' हिकैटियस ' को माना जाता है| भूगोल शब्द का पहली बार प्रयोग ' इरैटोस्थनीज ' ने किया था| सर्वप्रथम " अरस्तु " ने बताया था की पृथ्वी का आकार गोल हैं| लेकिन पृथ्वी का सही आकार " जिआड "(ध्रुवों पर चपटी) है| हमें GOOGLE+ पर फॉलो करें और पायें और आकर्षक जानकारियाँ , तथा अपने अनुभव हमें COMMENT BOX में अवश्य बतायें भू-केन्द्रीय सिद्धांत -- " टालमी " ने दिया  इस सिद्धांत के अनुसार समस्त ब्रम्हांड का केंद्र पृथ्वी है| टालमी के इस सिद्धांत को गलत साबित करते हुए " कॉपर निकस " ने " सूर्य-केन्द्रीय सिद्धांत " 1543 ई. में प्रतिपादित किया| सूर्य-केन्द्रीय सिद्धांत इस सिद्धांत के अनुसार...  "पृथ्वी और गृह सौरमंडल के केंद्र में एक अपेक्षाकृत स्थिर सूर्य के चारों ओर घुमते हैं|" <इस सिद्धांत को देने...

नोबेल पुरस्कार

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नोबेल पुरस्कार   ये पुरस्कार   डायनामाइट  के आविष्कारक  स्वीडिश वैज्ञानिक  अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है | ये चिकित्सा , भौतिकी , रसायन , शांति , तथा अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अहम् योगदान देने वाले लोगों को प्रत्येक वर्ष दिया जाता है| नोबेल पुरस्कार विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार मना जाता है, हर एक पुरस्कार एक वर्ष में अधिकतम 3 लोगों को दिया जाता है| नोबेल पुरस्कार विजेता को 2017 में 90लाख स्वीडिश क्रोनर  (भारत में  7.25 करोड़ रुपये) दिए गए थे|

भगत सिंह

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अमर शहीद सरदार भगतसिंह (अंग्रेज़ी: Bhagat Singh, जन्म- 28 सितंबर, 1907लायलपुर, पंजाब, मृत्यु- 23 मार्च, 1931, लाहौर, पंजाब) का नाम विश्व में 20वीं शताब्दी के अमर शहीदों में बहुत ऊँचा है। भगतसिंह ने देश की आज़ादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया, वह आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श है। भगतसिंह अपने देश के लिये ही जीये और उसी के लिए शहीद भी हो गये। हमें GOOGLE+ पर फॉलो करें और पायें और आकर्षक जानकारियाँ , तथा अपने अनुभव हमें COMMENT BOX में अवश्य बतायें जीवन परिचय भगतसिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के ज़िला लायलपुर में बंगा गाँव (पाकिस्तान) में हुआ था, एक देशभक्त सिक्ख परिवार में हुआ था, जिसका अनुकूल प्रभाव उन पर पड़ा था। भगतसिंह के पिता 'सरदार किशन सिंह' एवं उनके दो चाचा 'अजीतसिंह' तथा 'स्वर्णसिंह' अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ होने के कारण जेल में बन्द थे। जिस दिन भगतसिंह पैदा हुए उनके पिता एवं चाचा को जेल से रिहा किया गया। इस शुभ घड़ी के अवसर पर भगतसिंह के घर में खुशी और भी बढ़ गयी थी । भगतसिंह की दादी ने बच्चे का न...